जनदर्शन में पहुंची भूमि हड़पने की शिकायत, सीमांकन और नामांतरण में गड़बड़ी का आरोप

जीशान अंसारी की रिपोर्ट बिलासपुर/बेलगहना। बेलगहना तहसील के ग्राम बहेरामुड़ा में आदिवासी भूमि के कथित रूप से दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज होने और सीमांकन प्रक्रिया में अनियमितता का मामला सामने आया है। पीड़ितों ने कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन प्रस्तुत कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा भूमि को पुनः उनके नाम दर्ज कराने की मांग की है। आवेदन के अनुसार ग्राम बहेरामुड़ा निवासी केवल सिंह गोंड ने आरोप लगाया है कि उनकी पैतृक कृषि भूमि, जिस पर उनके परिवार द्वारा कई वर्षों से खेती-किसानी की जा रही है, वर्ष 2023-24 के राजस्व रिकॉर्ड में किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज कर दी गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि बिना किसी सूचना और उनकी अनुपस्थिति में सीमांकन की प्रक्रिया पूरी की गई तथा बाद में भूमि पर दूसरे व्यक्ति का नाम दर्ज हो गया।पीड़ित ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि संबंधित भूमि पर उनके पूर्वजों का लंबे समय से कब्जा रहा है और परिवार की आजीविका इसी भूमि पर निर्भर है। उनका आरोप है कि राजस्व अभिलेखों में नामांतरण की प्रक्रिया के दौरान नियमों का पालन नहीं किया गया तथा उन्हें किसी प्रकार की जानकारी या नोटिस नहीं दिया गया। इसी प्रकार ग्राम बहेरामुड़ा निवासी कैलाश सिंह गोंड ने भी कलेक्टर को दिए आवेदन में अपनी भूमि को लेकर गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी स्वामित्व वाली भूमि का सीमांकन कर उसे दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज कर दिया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि भूमि का सौदा और रजिस्ट्री प्रक्रिया संदिग्ध परिस्थितियों में हुई तथा उन्हें न्याय दिलाने के लिए मामले की उच्चस्तरीय जांच आवश्यक है। दोनों आवेदनों में यह भी आरोप लगाया गया है कि आदिवासी वर्ग की भूमि को लेकर नियमों की अनदेखी की गई और राजस्व रिकॉर्ड में बदलाव कर भूमि हस्तांतरण किया गया। शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा विवादित भूमि को पुनः उनके नाम पर राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराया जाए। अब यह मामला जनदर्शन के माध्यम से जिला प्रशासन तक पहुंच चुका है। शिकायतों के बाद स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर सकता है। फिलहाल जिला प्रशासन द्वारा शिकायत प्राप्त कर जांच की प्रक्रिया प्रारंभ किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
















